Shabd Bhed – Basic knowledge of Hindi language

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शब्द भेद- हिंदी भाषा का बुनियादी ज्ञान

शब्द भेद

  • अर्थ की दृष्टि से शब्द के प्रकार है- सार्थक और निरर्थक
  • सार्थक शब्द कहलाते हैं – जिन शब्दों से किसी अर्थ का बोध हो वे सार्थक शब्द कहलाते है।
  • निरर्थक शब्द कहलाते हैं – जिन शब्दों का कोई अर्थ नहीं निकलता उन्हें निरर्थक शब्द कहते है। जैसे चर्र चूं, खटर-पटर, गडगड
  • व्युत्पति (बनावट) की दृष्टि से शब्दों के भेद है – रूढ, यौगिक, योगारूढ़
  • रूढ शब्द कहलाते हैं – जिन शब्दों के खण्ड न किए जा सके और यदि खण्ड कर भी दिए तो उनका कोई अर्थ नहीं निकलता जैसे घोडा, मोर आदि
  • यौगिक शब्द कहलाते है- जो दो या दो से अधिक शब्दों अथवा शब्दांशों के मेल से बने हो वे यौगिक शब्द कहलाते है। इनके शब्दांश सार्थक होते है।
  • योगरूढ शब्द किसे कहते हैं – जो शब्द यौगिक होने पर भी किसी सामान्य अर्थ को प्रकट न करके रूढ शब्दों के समान किसी विशेष अर्थ को प्रकट करते है।
  • रूप परिवर्तन की दृष्टि से शब्दों की कोटियां है – दो (विकारी और अविकारी)
  • विकारी शब्द होते हैं – ऐसे शब्द जिनमें व्याकरणिक नियमों के अनुसार अर्थात लिंग, वचन, कारक, पुरूष, काल आदि के आधार पर रूप में परिवर्तन आ जाता है वे विकारी शब्द कहलाते है।
  • अविकारी शब्द होते हैं – इन शब्दों में लिंग, वचन, कारक, पुरूष, काल आदि के कारण कोई परिवर्तन नहीं होता है। जैसे आज, अरे, यहां, कौन, बहुत, धीरे
  • स्त्रोत के आधार पर शब्द के प्रकार है – तत्सम, तद्भव, देशी और विदेशी
  • तत्सम शब्द का शाब्दिक अर्थ है – तत् = उसके (संस्कृत), सम=समान। अर्थात संस्कृत भाषा के समान है। तत्सम शब्द संस्कृत है और मौलिक रूप में बिना परिवर्तन के हिन्दी में प्रयुक्त होते है।
  • तत्सम शब्द के उदाहरण है – अंकुर, अम्बुज, इच्छा, गिरि, गीत, चरम, छिद्र, ज्वाला, दास, नारी, परास्त, परम आदि
  • तद्भव शब्द है – ये शब्द संस्कृत शब्दों के विकृत रूप है और इसी रूप में ये हिन्दी भाषा में प्रयुक्त होने लगे हैं। जैसे अचरज, ऑंख, कान, ऊंट, चॉंद, खेत, दॉंत, दूध, सूत
  • देशी या देशज शब्द है- यह शब्द भारत की भिन्न भिन्न प्रांतीय भाषा या आदिम निवासियों की भाषाओं से हिन्दी में आए है जसे लकड़ी, पगड़ी, पेट, खिचड़ी, ठेठ, तेंदुआ
  • विदेशी शब्द से आशय है – वह शब्द जो विदेशी भाषाओं से हिन्दी में आए गए और यथावत प्रयोग हो रहे है।
  • अरबी भाषा से हिन्दी में प्रयुक्त शब्द है – औलाद, कानून, मौलवी, औरत, फकीर, इज्जत
  • फारसी भाषा से हिन्दी में प्रयुक्त शब्द है – दुकान, अनार, आदमी, खंजर, कलम, चश्मा जल्दी
  • पुर्तगाली से हिन्दी में लिए गए शब्द है – गिरजा, आलू, बाल्टी, नीलाम, कमरा, कारतूस, आलपीन, कमीज, चाबी,
  • हिन्दी में तुर्की भाषा में लिए शब्द है – तोप, कालीन, तमगा, चाकू
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